×

注意!页面内容来自https://www.rojgardiary.in/पाठ्यचर्या-curriculum/,本站不储存任何内容,为了更好的阅读体验进行在线解析,若有广告出现,请及时反馈。若您觉得侵犯了您的利益,请通知我们进行删除,然后访问 原网页

पाठ्यचर्या (Curriculum)

Last Updated on
WhatsApp Channel
Join Now
Telegram Channel
Join Now

पाठ्यचर्या की परिभाषा (Definition of Curriculum):-

पाठ्यचर्या का अर्थ केवल पुस्तकीय ज्ञान या विषयवस्तु तक सीमित नहीं हैबल्कि यह एक समग्र अनुभव है जो शिक्षण–अधिगम की प्रक्रिया के दौरान विद्यार्थी को प्राप्त होता है। “पाठ्यचर्या वह समस्त अनुभवों का समूह है जो विद्यालय विद्यार्थी को प्रदान करता हैचाहे वे कक्षा में हों या बाहर।”

पाठ्यचर्या के प्रकार (Types of Curriculum)

  1. औपचारिक पाठ्यचर्या (Formal Curriculum)

    • विद्यालय द्वारा तय विषयवस्तु

    • पाठ्यपुस्तकों और योजनाओं के अनुसार

    • परीक्षा आधारित

  2. अनौपचारिक पाठ्यचर्या (Informal Curriculum)

    • सह-शैक्षणिक गतिविधियाँ (खेलसंगीतकला)

    • व्यक्तित्व विकास से संबंधित

  3. छिपी हुई पाठ्यचर्या (Hidden Curriculum)

    • विद्यालय का वातावरण

    • शिक्षकों का व्यवहारसामाजिक मूल्य

  4. अप्रत्याशित पाठ्यचर्या (Null Curriculum)

    • जो विषय नहीं पढ़ाए जाते पर जिनका प्रभाव होता है

पाठ्यचर्या के उद्देश्य (Objectives of Curriculum)

  • समग्र विकास (शारीरिकमानसिकसामाजिकभावनात्मक)

  • नैतिक और नागरिक मूल्यों का विकास

  • व्यावसायिक योग्यता प्रदान करना

  • रचनात्मकता व नवाचार को बढ़ावा देना

  • जीवन के लिए तैयारी

पाठ्यचर्या के सिद्धांत (Principles of Curriculum)

  1. बाल केंद्रितता (Child-Centeredness)

  2. सामाजिक उपयोगिता (Social Utility)

  3. पूर्ण विकास का सिद्धांत (Principle of All-round Development)

  4. लचीलापन (Flexibility)

  5. एकता और विविधता (Unity in Diversity)

  6. अनुभव आधारित शिक्षा (Experience-Based Learning)

  7. संवेदनशीलता और मूल्यों का समावेश

पाठ्यचर्या विकास की प्रक्रिया (Curriculum Development Process)

  1. आवश्यकताओं का विश्लेषण

  2. उद्देश्यों का निर्धारण

  3. सामग्री का चयन और संगठन

  4. अध्यापन विधियों का चयन

  5. मूल्यांकन का निर्धारण

  6. समीक्षा और सुधार

पाठ्यचर्या के दृष्टिकोण (Approaches to Curriculum)

  1. विषय केंद्रित दृष्टिकोण (Subject-Centered Approach)

  2. बाल केंद्रित दृष्टिकोण (Learner-Centered Approach)

  3. समस्या केंद्रित दृष्टिकोण (Problem-Centered Approach)

  4. समाज केंद्रित दृष्टिकोण (Society-Centered Approach)

भारत में पाठ्यचर्या की रूपरेखा (Curriculum Framework in India)

  • राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा 2005 (NCF 2005)

    • रचनात्मकता पर बल

    • गतिविधि आधारित शिक्षण

    • पर्यावरणीय जागरूकता

    • समावेशी शिक्षा का समर्थन

  • NEP 2020 के अनुसार परिवर्तन

    • 5+3+3+4 संरचना

    • कौशल आधारित शिक्षण

    • बहुभाषिकता व डिजिटल शिक्षण

पाठ्यचर्या और पाठ्यपुस्तक में अंतर

बिंदु पाठ्यचर्या पाठ्यपुस्तक
अर्थ शिक्षण का सम्पूर्ण अनुभव पाठ्यचर्या का एक भाग
प्रकार औपचारिकअनौपचारिक आदि प्रायः औपचारिक
लचीलापन अधिक कम
उपयोग शिक्षण–अधिगम दोनों में मुख्यतः शिक्षण हेतु

निष्कर्ष (Conclusion)

पाठ्यचर्या केवल एक दस्तावेज़ नहींबल्कि एक जीवंत प्रक्रिया है जो छात्रों को एक समग्रव्यावहारिक और नैतिक शिक्षा प्रदान करती है। एक शिक्षक के रूप में इसका गहन ज्ञान होना आवश्यक है ताकि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो सके।

Photo of author
Published by

Recent UPdates

Leave a Comment Cancel reply